आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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Monday 23 January 2012

बेहद कमजोरी आ जाये तो


बहुत सारी बीमारियाँ ऎसी होती हैं कि  वो जब छोडती हैं तो जैसे लगता है कि शरीर में जान ही नहीं बची, और ऊपर से सितम ये कि कुछ खाने-पीने की इच्छा भी नहीं होती. फिर कोई हमदर्दी में  ताकत के लिए दवा -सिरप का नाम लेता है तो उससे बड़ा दुश्मन कोई लगता ही नहीं. खाने की भी हिम्मत नहीं होती या यू कहिये कि खाने-पीने की चीजें स्वादविहीन   लगने लगती हैं. ऎसी दशा में सबसे अच्छी चीज है शहद . 

**अगर मरीज बहुत कमजोर हो तो हर दो घंटे पर एक बड़ा चम्मच शहद पिला दीजिये .
**किसी को कैंसर या श्वास की बिमारी हुई हो तो सुबह दोपहर शाम एक-एक चम्मच शहद पी लिया करें.       
**जिस मरीज को ग्लूकोज चढ़ाना बहुत ज़रूरी हो लेकिन किन्ही कारणों से ग्लूकोज चढ़ाना उचित न हो तो फ़ौरन शहद का सहारा लीजिये 
** जिन नवजात शिशुओं की माता को दूध न उतर रहा हो उन बच्चों को शहद चटाना शुरू कीजिए ,शहद सम्पूर्ण आहार है.
** हिमोग्लोविन कम हो गया हो तो हर ३ घंटे पर एक चम्मच शहद दे दीजिये ,५ दिन में ही खून बढ़ जाएगा.
** बुजुर्गों के लिए तो शहद का सेवन रोज ही जरुरी है.पर दिन में बस दो बार.




इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

18 टिप्पणियाँ:

दिगम्बर नासवा said...

Ek behatreen jankari ... Shahad sach mein Amrit hai ...

परमजीत सिँह बाली said...

उपयोगी जानकारी।आभार।

प्रवीण पाण्डेय said...

शहद, बहुत ही उपयोगी है, आभार...

Mukesh Kumar Sinha said...

upyogi......

नीरज गोस्वामी said...

महत्त्व पूर्ण जानकारी

नीरज

kshama said...

Bahut upyukt jaankaaree!

dheerendra said...

बहुत उपयोगी जानकारी ,
WELCOME TO NEW POST --26 जनवरी आया है....
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए.....

Patali-The-Village said...

उपयोगी जानकारी। आभार।

Kailash Sharma said...

बहुत उपयोगी जानकारी...गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें! जय हिन्द!

रश्मि प्रभा... said...

waah... ye to jadui nuskhe hain

vidya said...

आपका ब्लॉग फोलो किया...क्युकी इसमें हमारा ही भला है :-)
सार्थक जानकारियाँ ..
धन्यवाद.

मनोज कुमार said...

शहद एक गुण अनेक!

जयकृष्ण राय तुषार said...

अलका जी बहुत ही उपयोगी जानकारी |ब्लॉग पर आने हेतु आभार |

Shanti Garg said...

कुछ अनुभूतियाँ इतनी गहन होती है कि उनके लिए शब्द कम ही होते हैं !
बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

Rajesh Kumari said...

bahut upyogi,labhkari jankari di hai dhanyavaad.

पद्म सिंह said...

बहुत उपयोगी जानकारी ...

S.N SHUKLA said...

सार्थक पोस्ट,बधाई .

मेरे ब्लॉग"meri kavitayen" पर भी पधारने का कष्ट करें, आभारी होऊंगा.

dinesh aggarwal said...

जीवनोपयोगी जानकारी देने के लिेये आभार....
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