आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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Friday 21 October 2011

सिघाड़ा ; गर्भवती महिलाओं के लिए अति उत्तम औषधि










कार्तिक का महीना है ,नए- नए सिघाड़े बाज़ार में आ गये हैं. खूब खाइए. शरीर को मैगनीज तत्व की भी जरूरत होती है. आप चाहे जितने टानिक पी लीजिये, ताकत की दवाएं खा लीजिये लेकिन जब तक शरीर में इन तत्वों को पूर्ण रूप से पचाने की क्षमता नहीं होगी ,दवाए कोई असर नहीं दिखाएंगी. अकेला सिघाड़ा एक ऐसा फल है जो शरीर में मैगनीज एब्जार्ब करने की क्षमता बढ़ा देता है. और बुढापे में होने वाली अधिकाश बीमारियाँ सिर्फ मैगनीज की कमी के कारण होती हैं.
जिन महिलाओं का गर्भकाल कभी पूरा न होता हो या गर्भ के दौरान गर्भ गिरने का डर लगा रहता हो उन्हें खूब ज्यादा सिघाड़े खाने चाहिए. ये भ्रूण  को तो मजबूती देता ही है ,गर्भवती महिला की भी रक्षा करता है. ये पुरुषों के लिए शुक्रवर्धक औषधि का काम करता है.
सिघाड़े में टैनिन, सिट्रिक एसिड, एमिलोज, एमिलोपैक्तीं, कर्बोहाईड्रेट, बीटा-एमिलेज, प्रोटीन, फैट, निकोटेनिक एसिड, फास्फोराइलेज, रीबोफ्लेविन, थायमाइन, विटामिन्स-ए, सी तथा मैगनीज आदि तत्व मौजूद हैं.
यह जल में पैदा होने वाला फल है, तिकोने पत्ते और सफ़ेद फूलों वाले इस पौधे में फल भी तिकोने ही लगते हैं. छोटे छोटे ताल-तलैयों में आपको इस मौसम में भी इसके पत्ते पानी में फैले हुए मिल जायेंगे.


__ सिघाड़े के तने का रस निकाल कर एक-एक बूंद आँख में डालने से किसी भी प्रकार की आँखों की बीमारी दूर हो जाती है.
__ जिस व्यक्ति को ज़रा सी खरोंच लग जाए और खून बहुत ज्यादा निकलता हो उसे तो खूब सिघाड़े खाने चाहिए  ताकि उसकी ये बीमारी दूर हो जाए. सिघाड़े  में रक्त स्तंभक का गुण भी पाया जाता है.
 __ गर्भवती महिलाओं को दूध के साथ सिघाड़ा खाना चाहिए, गर्भ के सातवें महीने में तो अनिवार्य रूप से इसका प्रयोग करना चाहिए.
__ पेशाब में रुकावट महसूस हो रही है तो सिघाड़े का काढा बनाकर दिन में दो बार ले लीजिये.
__ सिघाड़ा ल्यूकोरिया, दस्त, खून में खराबी जैसी बीमारियों को भी ठीक करता है.


हरा सिघाड़ा सूखे सिघाड़े की अपेक्षा ज्यादा फायदा करता है ,इसलिए इस मौसम में खूब सिघाड़ा खाएं या सब्जी बनाकर या उबाल कर या कच्चे ही. अमृत तो ये है ही.


इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

14 टिप्पणियाँ:

kshama said...

excellent information!

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

उपयोगी जानकारी।

आभार।

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तत्‍सम शब्‍दावली में खदबदाता विमर्श...
...एड्स फायदे की बीमारी है।

प्रवीण पाण्डेय said...

उपयोगी पोस्ट

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 22/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Vijai Mathur said...

जनोपयोगी आवश्यक जानकारी है।

Arvind Jangid said...

उपयोगी बातें बताई हैं आपने, एक बात है की लोग महँगी वस्तुओं के पीछे पड़े रहते हैं सरलता ले कोई वस्तु उपलब्ध होने पर उसके गुणों को कम करके आंकते हैं. आभार

संगीता पुरी said...

उपयोगी जानकारी !!

दिगम्बर नासवा said...

बहुत उपयोगी जानकारी ...

आशा जोगळेकर said...

अलका जी बहुत दिनों बाद आपके ब्लॉग पर आ पाई । जानकारी बहुत अचछी है पर गर्भवती के अलावा भी तो लोग इसे खा कर लाभान्वित हो सकते हैं ना ।

सिंघाडे तो मुझे ऐसे ही बहुत पसंद है ।

आशा जोगळेकर said...

आपको दीपावली की बहुत शुभ कामनाएँ ।

Ratan Singh Shekhawat said...

दीपावली के पावन पर्व पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ |

way4host
rajputs-parinay

Arvind Kumar "Gaurav" said...

Achhi jankari hai...dhanyawad

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

अलका सर्वत जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर…

मेरी ओर से

*परमप्रिय सर्वत जी * सहित
*~*आदरणीया अलका जी *~*को
हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !


- राजेन्द्र स्वर्णकार

अभिषेक प्रसाद 'अवि' said...

janmdin kee subhkaamna ke sath is gyanvardhak lekh ke liye dhanyavaad aapko...