आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

Followers

Tuesday 1 June 2010

अब कादम्बिनी में भी ......

कुछ स्वास्थ्य सुझाव अब कादम्बिनी पत्रिका में भी प्रकाशित हो रहे हैं - ये है जून अंक २०१० की झलक---

16 टिप्पणियाँ:

माधव said...

congrats

Udan Tashtari said...

बधाई हो जी आपको!

परमजीत सिँह बाली said...

बहुत बहुत बधाई।

nilesh mathur said...

बहुत बधाई !

kshama said...

Dher saari badhayi..!

राज भाटिय़ा said...

अजी कुछ मेहनताना भी मिला या कादम्बिनी वालो ने मुफ़त मै आप की मेहनत से खुद कमाई कर ली,क्योकि हम सब अपने ब्लांग को समाचार प्त्र मै देख कर तो खुश होते है, ओर वो हमारे ब्लांग के लेख से पैसे बनाते है, लिजिये हमारी बधाई स्बीकारे, ओर मिठ्ठाई बाद मै खा लेगे

बेचैन आत्मा said...

वाह! ढेर सारी बधाइयाँ.

vinay said...

बहुत,बहुत हार्दिक बधाई,इस प्रकार से आम जनता भी
कादम्ब्नी में आपके द्वारा लिखे हुये लेखों में वर्णित देसी जड़ी बुटियों से लाभान्वित होगी,सराहनिय काम ।

अर्चना तिवारी said...

बधाई हो !!!

आपका ब्लॉग तो दादी मैं का पिटारा है...हर चीज़ की दावा हाजिर

महफूज़ अली said...

aapko bahut bahut badhai...

अतुल्य said...

आपका काम ही ऐसा है...प्रसन्नता का विषय है.....बहुत-बहुत बधाइयाँ स्वीकारें।
अतुल्य

शिक्षामित्र said...

स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर हिंदी में स्तरीय सामग्री कम ही दिखती है। आप इस दिशा में महत्वपूर्ण काम करती प्रतीत होती हैं। शुभकामनाएँ लीजिए।

बेचैन आत्मा said...

एक आलसी बहुत परेशान हैं..खर-पतवार का फोटो खींच के सबसे पूछ रहे हैं कि बताओ ई का है..?
आपसे अनुरोध है कि हो सके तो उनकी मदद करें . लिंक है..
http://girijeshrao.blogspot.com/2010/06/blog-post_4552.html

दिगम्बर नासवा said...

बहुत बहुत बधाई ...

संजय भास्कर said...

वाह! ढेर सारी बधाइयाँ.

Mrs. Asha Joglekar said...

देर से ही सही मेरी भी बधाई स्वीकारें । लेख पढा नही जा रहा